नागरिकता संशोधन विधेयक में मुसलमानों को शामिल न करने पर है विपक्ष का विरोध


Editor :tasneem kausar

नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) को संक्षेप में CAB भी कहा जाता है और यह बिल शुरू से ही विवादों में रहा है.

असम के डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, धेमाजी, शिवसागर और जोरहाट ज़िले के कई जगहों पर सोमवार को विरोध प्रदर्शन कर रहें लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर यातायात व्यवस्था ठप कर दी. वहीं रेल की आवाजाही ठप करने और पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों के टकराव की ख़बरें भी सामने आ रही हैं.

नागरिकता संशोधन विधेयक को दोनों सदनों के सांसदों को भिजवा दिया गया है। संभावना है कि इसे पहले लोकसभा में सोमवार को लाया जाएगा, जिस पर मंगलवार को बहस कर पारित कराया जाएगा। उसी दिन इसे राज्यसभा में रखा जाएगा और बुधवार को वहां पर चर्चा होगी। हालांकि विधेयक को दोनों सदनों में वितरित किया गया है, इसलिए आखिरी क्षणों में सरकार की रणनीति में बदलाव होने की भी संभावना है।

You May Also Like

Notify me when new comments are added.

ट्रेंडिंग/Trending videos

you will not hear this kind of reasoning on TV channels including those who claim to be the torch bearer of independent media

गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के विरोध के बीच चर्चा के लिए नागरिकता संशोधन बिल पेश किया। शाह ने स्पष्ट किया कि यह बिल अधिकारों को छीनने वाला नहीं, बल्कि अधिकार देने वाला बिल है।लेकिन प्रो फैजान मुस्तफा समझा रहे हैं की इसकी बुनयाद ही ग़लत है

मुद्दा गर्म है

नज़रिया

एशिया