महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव, भाजपा एवं शिवसेना के बीच बराबर सीटों की टक्कर


Asian Reporter Mail

महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा एवं शिवसेना के बीच सीटों के बंटवारे का फार्मूला करीब-करीब तय हो चुका है। इसका औपचारिक ऐलान होना बाकी है। दोनों दल बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। इसी प्रकार सत्ता में आने पर दोनों के मुख्यमंत्री भी ढाई-ढाई साल के लिए बनाये जा सकते हैं।

शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों को लेकर दोनों दलों के बीच तालमेल बन चुका है। दोनों दलों में सत्ता में बराबर की हिस्सेदारी के तहत साथ चुनाव लड़ने की सहमति बनी है। इसके तहत राज्य में कुल 288 विधानसभा सीटों पर दोनों दल आधी-आधी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। इसी प्रकार दोनों दलों के मुख्यमंत्री आधे-आधे कार्यकाल के लिए बनाए जा सकते हैं। तीसरे, अपने छोटे सहयोगी दलों को भाजपा या शिवसेना अपने-अपने हिस्से से सीटें देनी होंगी।

हाल में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 25 और शिवसेना ने 23 सीटों पर चुनाव लड़ा और शानदार जीत हासिल की थी। पिछला लोकसभा चुनाव भी दोनों दलों ने साथ लड़ा था। लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव में दोनों दल अलग-अलग लड़े लेकिन बाद में मिलकर सरकार बना ली। लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव के वक्त ही दोनों दलों में विधानसभा चुनाव साथ लड़ने की सहमति बन गई थी।

राउत ने ‘हिन्दुस्तान’ से कहा कि दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच लगातार बातचीत हो रही है। दोनों दल मिलकर चुनावी तैयारियां कर रहे हैं। राज्य में इस बार फिर भाजपा-शिवसेना की सरकार बनेगी। कांग्रेस और एनसीपी की हालत खराब है जिसका फायदा गठबंधन को मिलेगा। केंद्र में और मंत्री बनाए जाने के संबंध में राउत ने कहा कि शिवसेना का ज्यादा फोकस राज्य की राजनीति में है। केंद्र में उसकी भूमिका सीमित है।

राउत ने ‘हिन्दुस्तान’ से कहा कि दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच लगातार बातचीत हो रही है। दोनों दल मिलकर चुनावी तैयारियां कर रहे हैं। राज्य में इस बार फिर भाजपा-शिवसेना की सरकार बनेगी। कांग्रेस और एनसीपी की हालत खराब है जिसका फायदा गठबंधन को मिलेगा। केंद्र में और मंत्री बनाए जाने के संबंध में राउत ने कहा कि शिवसेना का ज्यादा फोकस राज्य की राजनीति में है। केंद्र में उसकी भूमिका सीमित है।

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