दुल्हे को घोड़े पर बैठा देखकर गांव के ऊँची जातियों के लोग क्रोधित हो गए


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क्या आपने यह खबर पढ़ी है?

- एल  एस हरदेनिया

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जब संपूर्ण देश में लोकतंत्र का यज्ञ चल रहा था उस दरम्यान हमने दो महत्वपूर्ण आहुतियां दीं। एक आहुति दी गई देश के चौकीदार के राज्य गुजरात में और दूसरी मध्यप्रदेश में। दोनों आहुतियों के माध्यम से दलितों को बता दिया गया कि तुम भारत के नागरिक तो होपरंतु दोयम दर्जे के। 

गुजरात के मेहसाणा जिले के लोहर गांव में एक दलित दूल्हे ने घोड़े पर बैठने की जुर्रत की। यह देखकर सारे गांव के उच्च जातियों के लोग आग बबूला हो गए। दूल्हे के पिता (जो एक मजदूर है) के अनुसार  7 मई को उसके 24 वर्षीय पुत्र मेहुल की शादी होनी थी। उस दिन उसकी बारात निकली। दुल्हे को घोड़े पर बैठा देखकर गांव के ऊँची जातियों के लोग क्रोधित हो गए। अगले दिन (8 मई को) गांव की पंचायत हुई जिसमें यह कहा गया कि दलित दूल्हे को घोड़े पर देखकर हमने अपने आपको अपमानित महसूस किया है। यह भी कहा गया कि दलितों को अपनी सीमा में रहना चाहिए। यह तय हुआ कि दलितों का बहिष्कार किया जाए। उन्हें न तो किसी दुकान से कोई माल दिया जाए और ना ही काम दिया जाए। उन्हें किसी भी वाहन में सवार होने नहीं दिया जाए। उच्च जाति का जो भी व्यक्ति इस निर्णय का उल्लंघन करेगा उसे पांच हजार रूपये का जुर्माना देना पड़ेगा और गांव भी छोड़ना पड़ेगा। दलितों की इस आहुति की किसी भी नेता ने निंदा तक नहीं की। (इंडियन एक्सप्रेस, 10 मई 2019 से)

दूसरी घटना मध्यप्रदेश की है। रतलाम जिले के नैगरूल गांव में एक दलित दूल्हे को उस समय हेलमेट पहनना पड़ा जब वह एक घोड़े पर बैठकर बारात में जा रहा था। उच्च जातियों के लोगों ने ज्योंही उसे घोड़े पर बैठे देखाउन्होंने उसपर पत्थर फेंकना प्रारंभ कर दिया। पथराव की इस घटना में नायब तहसीलदार के. एल. जैन सहित पांच लोगों को चोटें आईं। 10 मई को घटित इस घटना के सिलसिले में 72 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दुल्हन के पिता ऊरालाल के अनुसार उच्च जातियों के लोगों ने दूल्हे को घोड़े पर बैठने से न सिर्फ मना किया वहीं जबरदस्ती  घोड़े को ले गए। “मुझे पहले ही इस तरह के हमले की संभावना की जानकारी मिल गई थी। इस पर मैंने पुलिस को सूचित कर दिया था कि वे सुनिश्चित करें कि बारात सुरक्षित रूप से निकल सके“ उन्होंने बताया। पहले वाला घोड़ा जबरदस्ती ले जाया गया था इसलिए दूसरा घोड़ा लाया गया। इस घोड़े पर ज्योंही दूल्हा बैठादुबारा पत्थरबाजी प्रारंभ हो गई। इस पर पुलिस ने दूल्हे को एक हैलमेट पहनाया तब कहीं जाकर बारात आगे बढ़ सकी। इस बीच दूल्हे के ससुर ने औपचारिक रूप से थाने में शिकायत दर्ज कराई। 71 लोगो के विरूद्ध जुर्म कायम किया गया। उनमें से 27 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसी बीच कुछ लोगों ने प्रभुलाल नामक एक व्यक्ति के घर में आग लगा दी। इस घटना के लिए भी चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।   (द हिन्दू 10 मई 2019 से)

दूल्हे को उस समय हेलमेट पहनना पड़ा जब वह एक घोड़े पर बैठकर बारात में जा रहा था। उच्च जातियों के लोगों ने ज्योंही उसे घोड़े पर बैठे देखा, उन्होंने उसपर पत्थर फेंकना प्रारंभ कर दिया

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