दरअसल विपक्ष जनता को मोदी के सामने एक विकल्प नहीं दे पाया

आप चाहें जितना अमित शाह और नरेंद्र मोदी का स्तुति गान कर लें और राहुल गांधी की चाहें जितनी भी आलोचना कर लें लेकिन एक बिंदू पर जाकर इसका भी कोई मतलब नहीं रह जाएगा.

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सऊदी अरब के खिलाफ क्यों हैं लखनऊ के मुसलमान

हर साल इस्लामी कैलेंडर के सफर के महीने के पहले इतवार को ठाकुरगंज के इमामबाड़ा झाऊलाल में भी सऊदी अरब के खिलाफ प्रदर्शन होता है. अब शिया समुदाय सीधे सऊदी अरब पर आरोप लगाता है कि वहां पर बहुत जुल्म हो रहे हैं

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हिंदुस्तान, चुनाव 2019, परिणाम और जनता

चलिए बात शुरू करते हैं। बिना किसी संकोच के कहते हैं कि एक बार फिर मोदी सरकार बनने वाली है। बने तो बधाई और ना बनपाए तो भी बधाई।

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पिछले पांच सालों में ऐसी कई चीज़ें हुईं हैं, जिनसे लगता है कि देश में प्रजातंत्र खतरे में हैं:राम पुनियानी

सरकार मोदी की मुट्ठी में है. शक्तियों का किस कदर केन्द्रीयकरण हो चुका है, इसका प्रमाण मोदी का यह दावा है कि उन्होंने जानकारों की राय को दरकिनार करते हुए, बालाकोट में हवाई हमले करने का आदेश दिया

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अपने भीतर की लोकतांत्रिकता को बचाना है तो चैनल देखना बंद करें

इंडिया टुडे आज तक एक्सिस पोल बार बार दावा कर रहा है कि आठ लाख सैंपल का एग्जिट पोल है। सभी लोक सभा क्षेत्रों में किया गया है।

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KL Rahul EXCLUSIVE: दुनिया को दिखाया कि मैं कोई भी फॉर्मेट खेल सकता हूं

पिछले काफी समय से केएल राहुल को टेस्ट क्रिकेट का खिलाड़ी कहा जाता था, लेकिन अब उन्होंने सफेद गेंद फॉर्मेट में अच्छा प्रदर्शन कर यह दिखा दिया है कि वो कोई भी फॉर्मेट खेल सकते हैं। इस बारे में राहुल ने कहा 'मैं खुश हूं कि मेरे कंधों से टेस्ट क्रिकेट का टैग हटा और मैंने दुनिया को दिखाया कि मैं कोई भी फॉर्मेट खेल सकता हूं। वर्ल्ड क्रिकेट हो या आईपीएल लोगों को यह नहीं पता होता कि सभी तरह के फॉर्मेट खेलने के लिए खुद पर कितनी मेहनत करते हैं।'

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दुनियाभर की एजेंसियों को चकमा देकर यह संगठन इतने बड़े हमलों की तैयारी कैसे कर लेता है

आखिर इराक और सीरिया में तमाम देशों द्वारा चलाए गए सैन्य अभियानों के बाद भी इसकी ताकत बरकरार कैसे है. सवाल यह भी है कि दुनियाभर की एजेंसियों को चकमा देकर यह संगठन इतने बड़े हमलों की तैयारी कैसे कर लेता है

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हे रूह अफजा .......मिसींग यू

रूह अफजा का फेसबुक अकाउंट सितम्बर 2018 से अपडेट नहीं था. इधर इतना हल्ला मचने और रूह अफ़ज़ा की कमी के बाद उस पर 6 मई को अपडेट किया गया, जिसमें उन्होंने अपने ग्राहकों द्वारा दर्शाए गए प्यार का धन्यवाद दिया और स्टॉकिस्ट की लिस्ट जारी की है

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कैफ़ी साहेब की पुण्यतिथि पर विशेष

बॉम्बे में सज्जाद ज़हीर का सीकरी भवन उस रोज़ खचाखच भरा हुआ था. शाम के चार बज रहे थे, मेहदी और मुंशी (कैफी साहब के दोस्त) भेंडी बाज़ार से एक काजी पकड़ लाए।

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क्या आप भी मुसलामानों को महज़ वोट बैंक मानती है - उमर ख़ालिद

पिछले छह वर्षों के दौरान आम आदमी पार्टी के उभार ने दिल्ली के लोगों के दिलों में काफी उम्मीदें और आकांक्षाएं जगाई थी.

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क्या चुनावों में मध्य प्रदेश को सुषमा और सुमित्रा की कमी खलेगी?

"इंदौर का नाम सुमित्रा महाजन के नाम से ही जुड़ गया. उन्होंने भाजपा के वोट बैंक के अलावा अपना ख़ुद का वोट बैंक तैयार किया था."

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क्या आप चुनाव आयोग को ख़त्म होते देखने के लिए 2019 के चुनाव में हैं?

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा। चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा। चुनाव आयुक्त अशोक ल्वासा। इन तीनों पर भारत का हर नागरिक भरोसा व्यक्त करता है कि इनके निर्देशन में चुनाव आयोग संवैधानिक दायित्वों को निभाने में कोई समझौता नहीं करेगा।

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साध्वी प्रज्ञा के लिए मानवाधिकार की दुहाई देने वाले सोनी सोरी के लिए इसी तरह सोचते हैं ??

इस देश का समाजिक ताना बाना किस तरह का बुना गया है इसकी एक बानगी देखनी हो तो आप फ़िलहाल 17 अप्रैल 2019 के बाद भारत के इस खाये पिए अघाये सवर्ण और "भारत माता की जय ब्राडं" देशभक्ति का नमूना देखिये और ग़लती से उसकी सोशल मीडिया वॉल चेक करिये।

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नौशाद : बॉलीवुड का पहला पुरबिया संगीतकार जो मौसिकी का आठवां सुर है

नौशाद ने अपने समय के संगीतकारों की तुलना में कम फिल्में कीं, लेकिन उनका काम मिसाल है कि गुणवत्ता संख्या से ज्यादा मायने रखती है

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मौलाना मौदूदी ने लिखी थी पंडित मदन मोहन मालवीय की पहली जीवनी, अंग्रेज़ों ने कर लिया था ज़ब्त

हिन्दू महासभा और बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के संस्थापक पंडित मदन मोहन मालवीय की पहली जीवनी लिखने का श्रेय जमाअत-ए-इस्लामी के संस्थापक मौलाना अबुल आला मौदूदी के नाम है.

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एक संपादक के रूप में महात्मा गांधी प्रेस और सरकार की निरंकुशता को किस तरह देखते थे?

महात्मा गांधी का मानना था कि कलम की निरंकुशता खतरनाक हो सकती है, लेकिन उस पर व्यवस्था का अंकुश ज्यादा खतरनाक है

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हिन्दू विवेक का होलिका दहन हो रहा है, परमाणु बम का ज़िक्र दीवाली में हो रहा है

“भारत ने पाकिस्तान की धमकी से डरने की निति को छोड़ दिया। ये ठीक किया न मैंने? वरना आये दिन हमारे पास न्यूक्लियर बटन है, न्यूक्लियर बटन है।

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गांधी और आरएसएसः विरोधाभासी राष्ट्रवाद

आरएसएस लगातार यह प्रदर्शित करने का प्रयास कर रहा है कि महात्मा गांधी, संघ को सम्मान की दृष्टि से देखते थे। इसी संदर्भ में आरएसएस के सह सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य ने एक लेख लिखा है

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क्या आपको निजीकरण के लिए मानसिक रूप से तैयार किया जा रहा है

थोड़े दिनों बाद आप एक ब्रेकिंग हेडलाइन देखेंगे कि.... 'इंडियन गवर्नमेंट कंपनी' लाखो करोड़ के घाटे में' अंदर छोटे शब्दो मे लिखा आएगा 'क्या इसे अम्बानी को बेच दिया जाना चाहिए?'

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कारपोरेट सेक्टर में घटी नौकरियां और सैलरी, देश छोड़ कर भागे 36 बिजनेसमैन

क्या आप जानते हैं कि हाल फिलहाल के वर्षों में भारत से 36 बिजनेसमैन भाग चुके हैं? क्या आप इन सभी के नाम जानते हैं? इनके अपराध और घोटालों का विस्तार जानते हैं? मीडिया के ज़रिए हमें दो चार नाम मालूम हैं। विजय माल्या, नीरव मोदी, संदेसरा बंधु, मेहुल भाई।

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गोदी मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ हो सकता है क्या ?

इस लेख में आज हम गोदी मीडिया की बात करेंगे। मीडिया तो हमने बहुत सुना था पर ‘गोदी मीडिया’ और फेक समाचार शब्द का चलन मोदी के पिछले पांच सालों के कार्यकाल की देन है।

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मुद्दा गर्म है

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एशिया

ब्रिटेन में हाउस ऑफ कॉमन्स की नेता एंड्रिया लेडसम ने मंत्रिमंडल से दी इस्तीफ़ा

एंड्रिया लेडसम ने ऐसे वक्त में इस्तीफा दिया है जब कंज़रवेटिव सांसद प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे की ब्रेक्ज़िट योजना का ज़ोरदार विरोध कर रहे हैं. प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे के इस्तीफे की भी मांग की जा रही है. कई कैबिनेट मंत्रियों ने बीबीसी से कहा कि प्रधानमंत्री अब अपने पद पर नहीं रह सकती हैं.