बुलंदशहर में हुई हिंसा के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की मौत


Editor :tasneem kausar

 "सीएम योगी अपनी हर रैली में भारत माता की जय के नारे लगाते हैं, अब हत्यारी भीड़ भी यही नारे लगा रही है. ऐसे में इन दोनों का विकास तो हो जाएगा, चिंता तो बस भारत माता की है."

ट्विटर यूजर रजनीश कुमार सिंह का ये कहना सारी कहानी कह गया । 

उत्तर प्रदेश के मेरठ मंडल से जुड़े बुलंदशहर जनपद में सोमवार को कथित तौर पर गोकशी के बाद मचे बवाल में गुस्साई भीड़ ने स्याना थाने के इंस्पेक्टर की पत्थर या किसी भारी वस्तु मार कर हत्या कर दी. वहीं गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई है.बुलंदशहर में हुई घटना में पांच पुलिस कर्मी तथा करीब आधा दर्जन आम लोगों को भी मामूली चोटें आई है. भीड़ की हिंसा में कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया गया है तथा तीन कारों को आग लगा दी गई. बताया जा रहा है कि इस हिंसा में तीन गांव के करीब 400 लोग शामिल है.

गुस्साये भीड़ के हाथों जान गँवाने के डर से बाक़ी पुलिसकर्मी अपने ज़ख्मी साथी को छोड़ कर भाग गए भीड़ ने दोबारा हमला किया और सुबोध कुमार की जान ले ली वरना उनको बचाया जा सकता था । 

यह घटना उस समय हुई जब बुलंदशहर के अकबरपुर में आलमी तबलीगी इज्तिमा के आयोजन का समापन हो रहा था जिसमें लाखों मुस्लिम लोग पहुंचे थे. ऐसे में इज्तिमा और हिंसा के बीच संबंध होने की अफवाह उड़ने लगी

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